Love

गर मझदार ये तो किनारा क्या होगा।

खुदा तू ही बता हमारा क्या होगा;
उजड़े हुए दिल का सहारा क्या होगा;
घबराहट होती है मोहब्बत की नाव में बैठ कर;
गर मझदार ये तो किनारा क्या होगा।

 

khuda too hee bata hamaara kya hoga;
ujade hue dil ka sahaara kya hoga;
ghabaraahat hotee hai mohabbat kee naav mein baith kar;
gar majhadaar ye to kinaara kya hoga.

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